UP Election 2022 : BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान

UP Election 2022: BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान | उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अगले साल की शुरूआत में विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) के लिए प्रदेश में सभी पार्टियां अपनी-अपनी रणनीति बनाने में लगे हैं और साथ ही रैलियों का दौर जारी है, जहां छोटे-बड़े नेता एक दूसरे की पार्टी पर वार-पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं!

BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान

BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान

BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान

ऐसे में बीजेपी (BJP) भी पीछे नहीं है! पार्टी ने चुनाव (UP Election 2022) के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रहे हैं! अगर उनकी हो रही रैलियों और सभाओं को देखा जाए तो प्रदेश में पार्टी की तरफ से कई छोटे-बड़े नेताओं की फौज उतार दी है! BJP ने इस बार भी 300 से ज्यादा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है! इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए BJP सामाजिक संपर्क अभियान (Social Interaction Campaign) चला रही है! इसके तहत वो बाकी पिछड़ा वर्ग और दलित समुदाय के मतदाताओं में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है!

Uttar Pradesh Election 2022 : किन नेताओं को दी गई है जिम्मेदारी

अगर देखा जाए तो BJP ने पिछड़े और दलित वर्ग को लुभाने के लिए पार्टी के पिछड़े और दलित समुदाय के 175 विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों और बाकी नेताओं को लगाया है! साथ ही बाकी आयोगों के प्रमुखों को भी इस काम में लगाया गया है! इस अभियान को ‘सामाजिक संपर्क’ (Social Interaction Campaign) का नाम दिया गया है, जिसके बाद इन नेताओं को अपने समुदाय के लोगों के छोटे-छोटे समूहों से संपर्क करने को कहा है!

उन्हें एक से 10 विधानसभा सीटों (10 Assembly Seats) तक की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन ये नेता अपने विधानसभा क्षेत्र (Assembly Area) में ये संपर्क नहीं कर सकते हैं! इन अभियान (Social Interaction Campaign) के जरिए BJP ने उन सीटों को जीतने की रणनीति बनाई है, जिन्हें वो साल 2017 के चुनाव में बहुत ही कम ही अंतर से हार गई थी, क्योंकि वहां यादव, जाटव और मुसलमानों की आबादी ज्यादा थी!

Uttar Pradesh BJP की कोशिश ऐसे विधानसभा क्षेत्रों (Assembly Area) में कई जातियों के वोटों को अपनी तरफ करने की है! BJP को लगता है कि ऐसा होने की सूरत में वो यादव, जाटव और मुस्लिम बहुल सीटों पर सपा-बसपा को हराने में कामयाब होगी!

BJP ने चलाया गैर यादव पिछड़े और गैर जाटव दलित वोटों के लिए सामाजिक संपर्क अभियान

इस अभियान (UP Social Interaction Campaign) के जरिए BJP गैर यादव ओबीसी और गैर जाटव दलित समुदाय में अपनी पैठ बनाने की कोशिश कर रही है! इससे BJP के नेताओं को अलग-अलग जातियों में अपनी पकड़ बनाने का भी मौका मिलेगा! BJP साल 2017 के चुनाव में माटेरा, महमूबाबाद, नजीबाबाद, लालगंज, कन्नौज, धौलाना और छपरौली जैसी सीटों पर 4 हजार से कम वोटों के अंतर से हार गई थी!

UP Election 2022 : सामने आ रही खबरों की माने तो इस अभियान (Social Interaction Campaign) के तहत करीब 30 कार्यक्रम रोज आयोजित किए जा रहे हैं! इस तरह के सामाजिक संपर्क अभियान (Social Interaction Campaign) से पहले BJP ने दलितों और बाकी पिछड़ा वर्ग के 27 सामाजिक प्रतिनिधि सम्मेलन (Social Representative Conference) आयोजित किए थे!

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