Success Story : देश की पहली दिव्यांक युवती जो अब पड़ेगी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में

Success Story देश की पहली दिव्यांक युवती जो अब पड़ेगी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में : नमस्कार दोस्तों जैसा की आप सभी को पता है की दिव्यांक होना कितना बड़ा अभिशाप है ! सभी दिव्यांक लोगो द्वारा उन्हें समय समय पर किन किन समस्या का सामना करना पड़ता है ! आपको सभी ने कोई न कोई हादसा अवश्य देखा होगा जिसके माध्यम से सभी अंदाजा लगा सकते है की उन्हें किस समस्या के कारण उन्हें यह भारी विपत्ति उठानी पड़ती है ! हम आप सभी आज का दौर देखा है इस समय में कोइ सहायता नहीं होती है किन्तु इस समय में अपने आप को संभाल पाना बहुत बड़ी बात होती है !

Success Story : देश की पहली दिव्यांक युवती जो अब पड़ेगी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में

Success Story देश की पहली दिव्यांक युवती जो अब पड़ेगी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में

Success Story देश की पहली दिव्यांक युवती जो अब पड़ेगी ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में

आज के आर्टिकल की हेडिंग को पड़ कर आप चोक जायेंगे किन्तु हम आपको बता दे कोई जन्म से विकलांग हो तो बहुत दुख होता है ! किन्तु यदि कोई व्यक्ति किसी हादसे के कारण दिव्यांक हुआ इस में भारी विपत्ति आती है उसका दृढ़ संकल्प एक तरह से नष्ट हो जाता है ! जिसके माध्यम में वे कई बार निराशा के गर्त में भी चले जाते है किन्तु आज की हमारी स्टोरी की शीर्षक एक युवती है जो की अपने शरीर का निचे का हिंसा एक हादसे में गवा दिया था चलिए जानते है उनके बारे में !

आज हम बात कर रहे है प्रतिष्ठा की वे होशियार पुर की रहने वाली है उनके माता पिता दोनों शासकीय नौकरी में सेवानित थे ! उनके पिता मुनीश शर्मा जो की होशियार पुर के DSP थे व उनकी माँ एक अध्यापक थी एवं उन्हें माता पिता को देखते हुए उन्होंने भी शासकीय सेवा में जाने का निर्णय लिया ! जिसके माध्यम से वे अधिक से अधिक समाज में अपना योगदान देने का निर्णय लिया वे बचपन से ही एक आईएएस अधिकारी बनाना चाहती थी !

इस के लिए वे अथक प्रयास एवं बचपन से ही प्रयास करना शुरू कर दिया था ! हम सभी जानते है की उन्हें किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा था वे जब 13 वर्ष की थी तब प्रतिष्ठा कार से कही जा रही रही थी तब उनका कार एक्सीडेंट में उनके छाती के निचे का हिस्सा पेरेलाइस हो गया ! इस लिए तो सभी उम्मीद ही खो दी थी किन्तु उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी तथा वे अपने लिए पुनः खड़ी हुई तथा प्रयास किये और सफलता हासिल की !

स्कूल में किया टॉप

प्रतिष्ठा बचपन से ही पढ़ाई में अच्छी स्टूडेंट रही है तथा वे सभी चीजों में समाज तथा अपने कार्य क्षेत्र को विशेष महत्त्व प्रदान करती थी ! उन्होने बताया है की वे दिव्यांक होने के उपरांत उन्होंने कभी भी हार नहीं मानी तथा वे अपने प्रयास में सलग्न रही जिसके माध्यम से उन्होंने कक्षा 12 वी में अपनी स्कूल में जेम्स केम्ब्रिज इटरनेशनल स्कूल में टॉप किया तथा वे सभी जगह अपने नाम का डंका बजा चुकी थी ! उन्होंने अपनी आगे की पढ़ायी करने का निर्णय दिल्ली में लिया तथा उन्होंने दिल्ली के महिला श्री राम कॉलेज फार वुमेन दिल्ली यूनिवर्सिटी से राजनीती शास्त्र से बेचलर ऑफ़ आर्ट करने का निर्णय लिया ! आज के समय में वे वही पर अपनी पढ़ाई में मसगुल है विगत 3 सालो से वहा पर अध्ययन कार्य कर रही है जिससे की उन्हें लाभ मिल सके !

प्रतिष्ठा जब दिल्ली में थी तब उन्होंने बताया पहले बहुत समस्या से जुंझ रही थी उन्हें व्हील चेयर के अनुसार घर नहीं मिल रह था ! उन्हें जहा घर मिला वे बस स्टॉप से बहुत दूर था इस कारण से उन्हें 6 माह तक बहुत समस्या हुइ तथा वे लगभग 6 से 8 किलो मीटर का सफर व्हील चेयर के माध्यम से ही पूरा किया करती थी ! व्हील चेयर के साथ चढ़ना उतरना बहुत समस्या देय था उन्होंने कहा की वे सभी से हार मानती थी !

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शाबासी दी

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी इंग्लैंड में चयन के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शाबासी दी तथा उन्होंने अपनी फेसबुक तथा इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से उन्हें बधाई दी !एवम कहा की तुम युवाओ के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हो तुम्हारे सुनहरे भविष्य की कामना करता हु वाहेगुरु आपके ऊपर सदा अपनी महर बनाये रखे बेटा और तुम देश का नाम रोशन करो |

यह भी देखेंकिसान के बेटे ने किया टॉप मिला विदेश में पढ़ाई करने का मौका

Leave a Comment