IAS Success Story of Himanshu Koushik : इंजीनियरिंग में हुए फैल फिर भी पहली बार में पास किया IAS परीक्षा

UPSC IAS Success Story of Himanshu Koushik हेलो दोस्तों हम सभी को पता है जब भी हम आईएएस बनाने की बात करते है तब बहुत से लोग होते है जो हमे डिमोटिवेट कर देते है ! इन मे से कुछ लोग तो हमारे बहुत ही करीबी होते है एक समय तो हमें भी यह लगता है की यह एग्जाम तो काफी ब्राइट स्टूडेंट के लिए होती होगी ! उन्ही को इस के द्वारा जॉब मिलती होगी हम आपको बता दे की आज हम जिस व्यक्ति की स्टोरी बताने जा रहे है ! वह न तो किसी अच्छी स्थिति से आता है न ही वह बहुत ही ब्राइट स्टूडेंट रहा है ! यह एक एवरेज छात्र रहा है जो की अपनी लग्न तथा मेहनत के दम पर इस एग्जाम को पास करने में सफल हुआ है ! चलिए आपको बताते है इस छात्र के बारे में व उसकी स्टोरी के बारे में !

इंजीनियरिंग में हुए फैल फिर भी पहली बार में पास किया IAS परीक्षा

इंजीनियरिंग में हुए फैल फिर भी पहली बार में पास किया IAS परीक्षा
इंजीनियरिंग में हुए फैल फिर भी पहली बार में पास किया IAS परीक्षा

प्रारभिक जीवन वैसे हिमांशु का बचपन अच्छे माहौल में बिता व हम बात दे की वे शुरू से ही एक एवरेज स्टूडेंट रहे ! उन्होंने अपनी पढ़ाई में ज्यादा ध्यान नहीं दिया उन्होंने अपने लिए उतनी ही मेहनत की जितनी की उन्हें जरुरी लगती थी ! इस में उन्होंने कक्षा 10 वी में 82% अंक हासिल किये जो की अच्छा स्कोर व जिसके बाद उन्होंने बारहवीं की जिस में प्रदर्शन काफी ज्यादा सराहनीय नहीं था ! इसके बाद में उन्होंने अपने लिए अच्छे काम करने के लिए व अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए इंजनियरिंग की पढ़ाई करने का फैसला लिया |

उन्होंने बी टेक करने का सोचा उनका पहला ड्रीम आईएएस बनाना का था किन्तु उन्होंने अपने लिए अच्छे तरिके व परिवार के कहने पर इस फिल्ड को चुना ! जिसके बाद उन्होंने इस में भी काफी अच्छा स्कोर नहीं किया उन्हे इस में भी दो बार बेक लगा जिससे की उनका मनोबल कमजोर हो गया ! आप को बता दे की उन्होंने इस के बाद जॉब का निर्णय लिया और उन्होंने लगभग 3 साल जॉब की जिसमे उन्होंने कई नविन चीजों के बारे में सीखा किन्तु उन्हें इस लाइफ स्टाइल में अच्छा नहीं लगा उन्होंने कहा की जिंदगी में एक बार तो upsc की एग्जाम देनी ही चाहिए |

डिमोटिवेट करने वाले कारक

हिमांशु को डिमोटिवेट करने वाले लोग बहुत ही ज्यादा तादात में थे वे लोग सदैव ही उन्हें अधिक से अधिक मानसिक सोच के विकास में बाधा बने इसके लिए उन्हें अधिक से अधिक लाभ न मिले इस के प्रयास में रहते थे ! उनके कई रिश्तेदार ऐसे थे जिन्हे यह लगता था की वे कुछ भी कोइ चीज नहीं कर सकेंगे ! हम आपको बता दे की उन्होंने कभी हार नहीं मानी तथा वे सदैव ही उनकी बातो पर ज्यादा चिंतन करने के बजाय वे अपने जीवन पर ज्यादा फोकस रहना चाहते थे ! उन्हें स्वयं से शिकायत होती तो वे खुद से ही वार्ता कर के उन समस्या का हल करते उन्होंने अपनी जॉब के दौरान ही सोच लिया था की उन्हें यह एग्जाम पास करना है ! इस के लिए उन्होंने अधिक से अधिक मेहनत कर के इस एग्जाम को दिया |

हिमांशु ने अपनी जॉब को त्याग करके ( जिस जॉब में वे लगभग 3 साल से थे ) उसे छोड़ करके उन्होंने upsc करने का निर्णय लिया ! जिसके बाद में उन्होंने अपने लिए अच्छे मार्गदर्शन की खोज में कोचिंग करने का निर्णय लिया ! उन्होंने बताया की वे पढ़ाई तथा आईएएस के लिए इतने बेचैन थे की उन्होंने अपने आप को दुनिया से काट लिया व उन्होंने स्टडी मटेरियल के लिए इंटरनेट का भी लाभ लिया ! वे कहते है की इंटरनेट एक अच्छा साधन है |

IAS Success Story of Himanshu Koushik

पढ़ाई का किन्तु इसमें भटकने वाले कारक ज्यादा मात्रा में विध्यमान है ! उन्होंने सोसाइल मीडिया से परेशानी न हो इस के लिए सोशल मिडिया अकाउंट को ही समाप्त कर दिया !उन्होंने अपने कड़े प्रयासों से ही UPSC कि एग्जाम साल 2017 में पास कर के 77 वि रेंक हासिल की व आईएएस अधिकारी बने |

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