IAS Success Story of Aparajita Singh : बचपन में ही खोया पिता का प्यार फिर भी नहीं मानी हार, बनी IAS अधिकारी

IAS Success Story of Aparajita Singh | हेलो दोस्तों Indian Administrative Service परीक्षा देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) के द्वारा ली जाती है आप को बता दे की उन्हें एक्साम को पास करने के लिए काफी कड़ी मेहनत करनी पड़ती है ! सभी को इस एग्जाम में सफलता नहीं मिलती है  स्टूडेंट इस एग्जाम की तैयारी करता है यह स्वयं में ही व्यस्त रहता है ! जिससे की वह इस एग्जाम के प्रति अपने लिए दृढ़ निश्चय ला सके आईएएस देश के द्वारा कार्यपालिका में भर्ती का सबसे बड़ा पद है ! जिसके माध्यम से आप प्रशासन का अभिन्नं अंग बन जाते है चलाइये आपको ऐसी ही कहानी से अवगत करना चाहते है जो की अपनी कड़ी मेहनत के बाद इस एग्जाम को पास करने में सफल हुई |

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बचपन में ही खोया पिता का प्यार फिर भी नहीं मानी हार, बनी IAS अधिकारी

IAS Success Story of Aparajita Singh

IAS Success Story of Aparajita Singh

अपरजिता जैसा नाम वैसी ही सोच यह हम उनकी स्टोरी को पड़ कर स्वयं ही कह देते है उनका यह नाम उनकी नानी तथा नाना जी ने रखा ! आप को बता दे की अपरजिता बचपन से ही काफी कमजोर थी उन्हें अधिक समस्या आती थी किसी भी भारी कार्य को करने में किन्तु उनकी इस ही ललक के कारण उन्हें नाना-नानी जी ने उनका नाम अपॉजिट रखा अर्थात जो कभी हार न माने ! वे शुरू से ही काफी एवरेज स्टूडेंट की श्रेणी में आती है उनका आधे से अधिक जीवन सघर्षो में व अपनी समस्याओ से लड़ने में निकल गया ! हम आपको बता दे की उन्होंने अपना बचपन अपनी नाना नानी की घर पर बिताया है ! वे प्रारम्भ से ही अपने माता पिता से दूर रही है जिससे की उन्हें काफी बुरा भी लगता के लिए वे स्वयं को व्यस्त रखने का कारण तलाशा करती थी |

UPSC IAS Success Story of Aparajita Singh

पहली इंस्प्रिसें अपरजिता की प्रारभिक शिक्षा में रूचि अधिक नहीं थी इस के कारण उन्हें एक एवरेज स्टूडेंट का दर्जा हमेसा से देखने को मिल जाता है ! उन्हें इस के कारण काफी समय का भी सामना करना पड़ता रहता था किन्तु वे कभी हार नहीं मानने का जज्बा था जिससे की वो पुनः सफल हुई ! उन्हें बचपन में खरब हेंड राइटिंग के कारण उनकी कापी को टीचर ने जांचने से मना कर दिया जिसके बाद उन्होंने निश्चय किया की वे अपनी राइटिंग को बेहतर करेगी जिसके बाद उन्होंने कड़े प्रयासो के बाद में उनकी हेंड राइटिंग सुधार गयी ! यही घटना थी जिससे की उन्हें आगे बढ़ने की इंस्प्रेसन मिली गए बड़ कर उन्होंने बड़ी एग्जाम को पास किया जिससे की उन्हें अधिक फायदा पंहुचा |

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अपरजिता के सम्पूर्ण परिवार जो की मेडिकल की फिल्ड से आता है उन्हें यह लगता था की अपरजिता सायद मेडिकल में नहीं जाएगी किन्तु उन्होंने अपने पारिवारिक परम्परा का पालन करके उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई शुरू की तथा अपनी ग्रेडुएशन के बाद में उन्होंने मेडिकल कर के डॉक्टर बनी ! जिससे की उन्हें अपने परिवार की नजरो में ख्याति बनी रही इस के बाद उनके परिवार ने उन्हें अधिक से अधिक स्पॉट देना प्रारम्भ किया ! आप को बता दे की उन्होंने अपने लिए लाभ के साधन के तोर पर तथा अपने बचपन की सोच जिस में वे एक आईएएस अधिकारी बनाना चाहती है उसे पूर्ण करने के लिये उन्होंने अपने सपने को पूर्ण करने के लिए प्रयास करना शुरु कर दिया | इसके बाद UPSC Indian Administrative Service में कामयाबी हासिल की |

Indian Administrative Service Exam

उनके परिवार ने उन्हें इस के लिए मात्र 1 साल का समय दिया जिस में उन्हें बोला गया की आप इस एग्जाम को अर्थात यूपीएससी को पास कर लो किन्तु आईएएस की एग्जाम किसी से एक साल में भला पास होती है ! इस के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की किन्तु पास नहीं हो सकी इसके बाद उनके परिवार ने उन्हें सपोट दिया ! उन्हें कहा आप तैयारी करे आईएएस की किन्तु उन्हें अपनी जॉब के साथ तैयारी करनी थी इस में उन पर अधिक प्रेशर बन कर उनकी ताबिया ख़राब हो गयी ! जिसमे उन्हें चिकनगुनिया हुआ उसके बाद उन्हें फेक्चर भी हो गया फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और सिविल सर्विसेज (Civil Service) एग्जाम को 2017 में 82 रैक हासिल करके पास किया और आईएएस अधिकारी बन गई |

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